पटना न्यूज डेस्क: बिहार में बुलेट ट्रेन का लंबे समय से देखा जा रहा सपना अब हकीकत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। केंद्रीय बजट में घोषणा के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर मार्च से काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन बिहार के प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी, जिससे राज्य की रेल कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
बजट प्रस्ताव के अनुसार दो बुलेट ट्रेन कॉरिडोर तय किए गए हैं—दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी। बिहार के यात्रियों को पटना से दिल्ली जाने के लिए वाराणसी के रास्ते बुलेट ट्रेन से सफर करना होगा। इस व्यवस्था के तहत पटना से दिल्ली की दूरी महज चार घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि पटना से सिलीगुड़ी का सफर करीब दो घंटे पांच मिनट में संभव होगा। वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर बिहार में पटना और कटिहार दो स्टेशन प्रस्तावित हैं।
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए फरवरी के अंत तक एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति पूरे रूट का एरियल सर्वे करेगी, जिसमें जमीन की ऊंचाई, नदियों, जंगलों और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर आगे की निर्माण प्रक्रिया और तकनीकी ढांचा तय किया जाएगा।
बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर भारतीय रेल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर से चुने गए 25 अनुभवी रेलवे इंजीनियरों को IIT पटना में दो सप्ताह की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इस प्रशिक्षण में हाई-स्पीड रेल सिस्टम, ट्रैक डिजाइन और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों पर फोकस किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों और IIT प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नई तकनीक व उन्नत सेफ्टी सिस्टम लागू करने के बाद ही हाई-स्पीड ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।